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आएं हैं दिल से निकल के, कुछ पंक्तियां ग़ज़ल के | Sher & Hindi Ghazal By Neeraj Vishwakarma

 
Ghazal By Neeraj Vishwakarma | The NK Lekh
The NK Lekh | Neeraj Vishwakarma 


*निगाहें 

न ये देखता तुम्हें, न शुरू होती ये प्रेम कहानी 

‎ ये निगाहें ही इश्क के बुनियाद की जड़ है 

‎ न ये तुम्हें निहारता न दिल को मिलता पैगाम 

‎ ये निगाहें ही इस फरियाद की जड़ है 

‎ न ये रातों को जगाता, न होता ये पागलपन 

‎ ये निगाहें ही सारे उन्माद की जड़ है 

‎ न जमाने की नजर में आता, न होता दरकिनार 

‎ ये निगाहें ही सारे फसाद की जड़ है 

‎ न तुम आँखों में बसते, न बहते इससे आंसू 

‎ ये निगाहें ही सारे अवसाद की जड़ है 

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